8 मार्च तक अररिया की पंचायतों में गूंजेगा बाल विवाह मुक्त भारत का नारा, SDO ने दिखाई रैली को हरी झंडी।
प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं की अनूठी पहल: अररिया को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए सड़कों पर उतरा जागरूकता रथ।
बाल विवाह के खिलाफ अररिया में 'शंखनाद': जागरूकता रथ को दिखाई गई हरी झंडी, 8 मार्च तक चलेगा अभियान
फारबिसगंज (अररिया): बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से मिटाने के लिए अररिया जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 को फारबिसगंज में 'बाल विवाह मुक्त भारत अभियान' के तहत एक भव्य जागरूकता रैली और रथ यात्रा का शुभारंभ किया गया।

अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) सह CMPO फारबिसगंज के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के कई आला अधिकारियों ने शिरकत की और बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
प्रशासनिक अमला रहा मौजूद
इस मुहिम को सफल बनाने के लिए फारबिसगंज, नरपतगंज और भरगामा के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अंचल अधिकारी (CO) और नगर कार्यपालक पदाधिकारियों सहित अवर निर्वाचन पदाधिकारी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अधिकारियों ने सामूहिक रूप से समाज को यह संदेश दिया कि बच्चों का भविष्य बचाना केवल प्रशासन नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
गांव-गांव गूंजेगा जागरूकता का संदेश
'एक्सिस टू जस्टिस', 'जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन' और 'जागरण कल्याण भारती' के संयुक्त तत्वावधान में निकला यह जागरूकता रथ अररिया की हर पंचायत में भ्रमण करेगा।
- अवधि: यह रथ यात्रा 8 मार्च तक निरंतर संचालित रहेगी।
- उद्देश्य: लोगों को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों, किशोरियों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों और सामाजिक नुकसान के प्रति जागरूक करना।
गोपनीय रहेगी सूचना देने वाले की पहचान
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए आम जनता का सहयोग अनिवार्य है। यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलती है, तो नागरिक निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

| हेल्पलाइन सेवा | टोल-फ्री नंबर |
|---|---|
| चाइल्ड हेल्पलाइन | 1098 |
| पुलिस हेल्पलाइन | 112 |
| बचपन बचाओ आंदोलन | 1800-102-7-222 |
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अधिकारियों की अपील: "बाल विवाह के प्रति सजग रहें और अपना कर्तव्य निभाएं। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।"
टाइम्स भारत ब्यूरो, अररिया