सीमांचल में अमित शाह का 'लैंड पोर्ट' मास्टरप्लान: व्यापार और सुरक्षा की नई रणनीति।
किशनगंज से शाह की हुंकार: घुसपैठ पर लगाम और ट्रेड ग्रोथ के लिए बनेगा लैंड पोर्ट।
Seemanchal: अमित शाह का 'लैंड पोर्ट' प्लान, व्यापार के साथ सुरक्षा का 'डबल धमाका'
नई दिल्ली/किशनगंज: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का तीन दिवसीय बिहार दौरा केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरी रणनीतिक बिसात बिछाई गई है। सीमांचल (Seemanchal) को देश की मुख्यधारा से जोड़ने और यहां से होने वाले विदेशी व्यापार को नई ऊंचाई देने के लिए शाह ने 'लैंड पोर्ट' (Land Port) यानी जमीनी बंदरगाह का मास्टरप्लान तैयार किया है।
सीमांचल बनेगा व्यापार का नया 'गेटवे' टाइम्स भारत को मिली जानकारी के अनुसार, किशनगंज और आसपास के इलाकों में लैंड पोर्ट विकसित करने की रणनीति के दो मुख्य उद्देश्य हैं: आर्थिक समृद्धि और सशक्त सुरक्षा। 1. ट्रेड ग्रोथ: नेपाल और बांग्लादेश की सीमाओं के करीब होने के कारण सीमांचल में व्यापार की अपार संभावनाएं हैं। नए लैंड पोर्ट्स बनने से न केवल माल की आवाजाही सुगम होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों अवसर भी पैदा होंगे। 2. इनफिल्ट्रेशन पर लगाम: आधुनिक सुविधाओं से लैस ये पोर्ट्स घुसपैठ और तस्करी रोकने में मददगार साबित होंगे। यहाँ तैनात होने वाली अत्याधुनिक तकनीक और सुरक्षा बल 'स्मार्ट बॉर्डर' की अवधारणा को साकार करेंगे।
घुसपैठ और डेमोग्राफी पर सीधा प्रहार अपने इस दौरे में अमित शाह ने साफ संदेश दिया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में डेमोग्राफिक बदलाव (Demographic change) और घुसपैठ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लैंड पोर्ट की रणनीति इसी का हिस्सा है, जहां आधिकारिक व्यापारिक रास्तों को मजबूत कर अवैध रास्तों को पूरी तरह बंद करने की योजना है।
मिशन 2026 और सीमांचल की अहमियत राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि शाह का यह कदम बिहार में बीजेपी के मिशन 2026 के लिए 'तुरुप का इक्का' साबित हो सकता है। विकास के एजेंडे को सुरक्षा से जोड़कर बीजेपी सीमांचल के मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
क्या होगा प्रभाव?
- किसानों को फायदा: किशनगंज की चाय और पूर्णिया के मक्का को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कों और रेल कनेक्टिविटी में भारी सुधार होगा।
- सुरक्षा तंत्र: सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ तालमेल और बेहतर होगा।
अमित शाह की यह 'लैंड पोर्ट' रणनीति सीमांचल की तस्वीर बदलने का दम रखती है, जिससे यह क्षेत्र पिछड़ेपन की छवि छोड़कर देश के एक प्रमुख ट्रेड हब के रूप में उभर सकता है।
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