जांच करने पहुँची 'धावा दल' और अस्पताल कर्मियों के बीच हिंसक झड़प

Edited By: Jay Dubey
Updated At: 17 February 2026 18:50:18

अररिया में भारी बवाल: फारबिसगंज के निजी क्लिनिक में जांच टीम को बनाया बंधक, सीनियर डिप्टी कलेक्टर सहित कई अधिकारी घायल

Advertisement

 फारबिसगंज डॉक्टर थप्पड़ कांड का हुआ अंत.
प्रश्न यह की व्यवस्थाओं को देखते हुए प्रशासन और डॉक्टर के बीच वर्तमान एसडीओ ने मामले का निष्पादन कर दोनों को गले लगवाया। 
लेकिन क्या इस तरह के स्थिति से गैर कानूनी फर्जी पैथोलॉजी और डॉक्टर की प्रैक्टिस पर लगेगी रोक? 
देखें क्या था मामला....फारबिसगंज (अररिया): बिहार के अररिया जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ स्वास्थ्य विभाग की 'धावा दल' (Raiding Team) पर जानलेवा हमला हुआ है। फारबिसगंज के एक निजी अस्पताल में जांच करने पहुँची प्रशासनिक टीम और अस्पताल कर्मियों के बीच जमकर हाथापाई हुई। आरोप है कि डॉक्टर और उनके कर्मचारियों ने सरकारी अधिकारियों को आधे घंटे तक कमरे में बंधक बनाए रखा और उनके साथ मारपीट की।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन के निर्देश पर अवैध नर्सिंग होम और पैथोलॉजी सेंटरों की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। गुरुवार को जब यह टीम फारबिसगंज के रेफरल अस्पताल रोड स्थित 'बचपन न्यू एंड चाइल्ड हॉस्पिटल' पहुँची, तो वहां स्थिति बेकाबू हो गई।

जांच टीम में शामिल वरीय उप समाहर्ता (Senior Deputy Collector) डॉ. राम बाबू कुमार, सीओ पंकज कुमार और कई स्वास्थ्य अधिकारी जब क्लिनिक के अंदर दाखिल हुए, तो डॉक्टर दीपक कुमार के साथ उनकी तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट होने लगी।

अधिकारियों को बनाया बंधक, मची अफरातफरी

प्रत्यक्षदर्शियों और प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल के कर्मियों ने जांच टीम को लगभग 30 मिनट तक एक कमरे में बंधक बना लिया। इस हमले में वरीय उप समाहर्ता डॉ. राम बाबू कुमार घायल हो गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एसडीओ अभय कुमार और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुँचा और बंधक बनाए गए अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे

  • प्रशासन का पक्ष: सिविल सर्जन डॉ. केके कश्यप ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकारी काम में बाधा डाली गई और अधिकारियों के साथ मारपीट की गई है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
  • डॉक्टर का पक्ष: वहीं, क्लिनिक के संचालक डॉ. दीपक कुमार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि जांच टीम ने क्लिनिक में आते ही अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया और उन पर हाथ उठाया। उन्होंने कहा, "हमने बंधक नहीं बनाया, बल्कि अधिकारियों के दुर्व्यवहार का विरोध किया। पूरी सच्चाई सीसीटीवी (CCTV) में कैद है।"

पुलिस की कार्रवाई शुरू

फारबिसगंज थाना पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। समाचार लिखे जाने तक, सरकारी कार्य में बाधा डालने और मारपीट करने के आरोप में निजी अस्पताल के संचालक और कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया जारी थी।

टाइम्स भारत ब्यूरो, अररिया

Advertisement