मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में तेजी, 15 मार्च तक 46 हजार आवेदनों का होगा निपटारा।

Edited By: Jay Dubey
Updated At: 17 February 2026 21:13:15

जीविका पोर्टल और मोबाइल ऐप से होगी निगरानी

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टाइम्स भारत न्यूज़: विशेष रिपोर्ट

बिहार: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को लेकर एक्शन में भागलपुर प्रशासन, 15 मार्च तक पूरा होगा 46 हजार आवेदनों का सत्यापन

भागलपुर: बिहार की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए नीतीश सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' अब धरातल पर तेजी से उतर रही है। भागलपुर जिले में इस योजना के तहत आए हजारों आवेदनों के निपटारे के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देशानुसार, आगामी 15 मार्च तक सभी 46 हजार आवेदनों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) और निष्पादन सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

जीविका पोर्टल और मोबाइल ऐप से होगी निगरानी नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने इस कार्य को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए वार्डवार नोडल अधिकारियों और सत्यापन कर्मियों की तैनाती कर दी है। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जीविका द्वारा विकसित विशेष वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप का सहारा लिया जा रहा है। सहायक नगर प्रबंधक और स्वच्छता अधिकारी अपने लॉगिन के जरिए इन आवेदनों की ऑनलाइन जांच और निष्पादन करेंगे।

क्या हैं पात्रता की शर्तें? योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो निम्नलिखित शर्तों को पूरा करेंगी:

  • आवेदिका बिहार की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
  • आयु सीमा 18 से 60 वर्ष के बीच निर्धारित है।
  • आवेदिका या उनके पति आयकरदाता (Income Tax Payer) नहीं होने चाहिए।
  • परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी सेवा (नियमित या संविदा) में नहीं होना चाहिए।
  • एकल परिवार के तहत अविवाहित वयस्क महिलाएं (जिनके माता-पिता नहीं हैं) भी इस योजना की पात्र होंगी।

वार्ड स्तर पर घर-घर जाकर होगा वेरिफिकेशन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 20 फरवरी तक भौतिक सत्यापन का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद, 23 फरवरी तक नोडल अधिकारी आवेदनों को स्वीकृत या अस्वीकृत करने की प्रक्रिया पूरी करेंगे। जिन महिलाओं का चयन होगा, उन्हें 'जीविका' के स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होते ही पात्र महिलाओं को किस्तों में सहायता राशि और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकेंगी।

ब्यूरो रिपोर्ट, टाइम्स भारत न्यूज़, भागलपुर

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