बिहार में हाल-ही के राजनीतिक विकास

Edited By: Jay Dubey
Updated At: 05 February 2026 00:49:49

महिलाओं और युवाओं का बढ़ता राजनीतिक महत्व

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बिहार में हाल-ही के राजनीतिक विकास (2025)

  1. 2025 विधानसभा चुनाव में NDA की भारी जीत
    • बिहार में नवंबर 2025 में विधानसभा चुनाव हुए, और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 243 सीटों में से 202 सीटें जीतकर शानदार बहुमत हासिल किया।
    • यह जीत NDA के लिए बहुत बड़ी है — और बीजेपी इस चुनाव में सबसे ज़्यादा सीट जीतने वाली पार्टी बनी है। 
  2. नवीन सरकार: नीतीश कुमार का 10वाँ मुख्यमंत्री कार्यकाल
    • चुनाव के बाद, नीतीश कुमार 20 नवंबर 2025 को बिहार के मुख्यमंत्री पद पर दसवीं बार शपथ लेने गए। 
    • उनकी नई कैबिनेट में 26 मंत्री हैं। 
    • मंत्रालयों का वितरण: बीजेपी को 14 मंत्री मिले, JD(U) को 9, LJP (रामविलास) को 2, HAM और RLM को 1-1 मंत्रीशिप मिली है। 
    • दिलचस्प बात: नीतीश कुमार ने गृह मंत्रालय (Home) जैसे बड़े मंत्रालय को बीजेपी को सौंपा है। 
  3. तीसरा मोर्चा — Grand Democratic Alliance (GDA)
    • AIMIM (असादुद्दीन ओवैसी की पार्टी) ने Grand Democratic Alliance (GDA) नाम से एक नया गठबंधन बनाया है। 
    • GDA में AIMIM के अलावा Azad Samaj Party और Apna Janata Party शामिल हैं। 
    • यह गठबंधन कम-पहचाने वोट बैंक (जैसे अल्पसंख्यक, पिछड़े वर्ग) में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, और पारंपरिक NDA vs महागठबंधन (MGB) की राजनीति को चुनौती देना चाहता है। 
  4. महिलाओं और युवाओं का बढ़ता राजनीतिक महत्व

    • चुनावी रणनीति में युवा मतदाता (Gen Z) और महिलाएं पहले से ज़्यादा अहम दिखाई दे रही थीं। JDU ने कहा था कि ये ही वोटर्स “अगली सरकार” तय कर सकते हैं।
    • इसके अलावा, बिहार की राजनीति में कुछ नए चेहरे सामने आए हैं — जैसे युवा महिलाओं ने बिना किसी पारिवारिक राजनीतिक विरासत (“गॉडफादर” के बिना) चुनाव लड़ने की कोशिश की है।
    • मैथिली ठाकुर, जो एक प्रसिद्ध गायिका हैं, वो इस चुनाव में BJP से मैदान में उतरी और जीत भी गईं — वे बिहार की सबसे कम उम्र की विधायक बनी हैं। 
  5. राजनीति का एजेंडा — रोजगार, विकास, और कल्याण
    • विपक्ष (महागठबंधन) ने युवाओं को काम देने का बड़ा वादा किया था। 
    • दूसरी तरफ, NDA का मैनिफेस्टो भी बहुत विकास-उन्मुख था: नौकरी, इंफ्रास्ट्रक्चर, पब्लिक वेलफेयर, महिलाओं के लिए योजनाएँ — ये सब प्रमुख मुद्दे बने रहे। 
    • शराब-बैन (prohibition) मुद्दा फिर से उठा। हालांकि, एनडीए की नीति इस बार ज्यादा संतुलित दिखी: पूर्ण प्रतिबंध की जगह संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाई गई। 
  6. राजनीतिक संरचना में परिवर्तन
    • नई विधानसभा (18वीं बिहार विधानसभा) के गठन के बाद, सरकार का गठन NDA के बहुमत के साथ हुआ है। 
    • विपक्ष में Mahagathbandhan (MGB) कमजोर हुआ — RJD (Tejashwi Yadav की पार्टी) महत्त्वपूर्ण रूप से सीटों में पिछड़ी। 

निष्कर्ष और महत्व

  • ये विकास संकेत देते हैं कि बिहार की राजनीति जाति-आधारित परंपरागत समीकरणों से आगे बढ़कर अब विकास, युवा वोल्ट, और सामाजिक कल्याण पर ज्यादा केंद्रित हो रही है।
  • NDA की जीत और मजबूत बहुमत सरकार बनने से अगले कुछ सालों में राज्य में विकास योजनाओं और नीति स्थिरता की उम्मीद बढ़ गई है।
  • तीसरे मोर्चे (GDA) का उभरना ये दिखाता है कि नई पार्टियां और गठबंधन पारंपरिक पार्टियों को चुनौती देना चाहते हैं, खासकर अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्गों में।

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