बिहार के अररिया में प्रेम प्रसंग का खौफनाक अंत: प्रेमिका को घर छोड़ने आए युवक की खूंटे से बांधकर पीट-पीटकर हत्या
सोशल मीडिया पर शुरू हुई थी 'खूनी' प्रेम कहानी
अररिया में प्रेम प्रसंग का खौफनाक अंत: प्रेमिका को घर छोड़ने आए युवक की खूंटे से बांधकर पीट-पीटकर हत्या
अररिया/पटना: बिहार के अररिया जिले से मॉब लिंचिंग जैसी एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक 22 वर्षीय युवक को अपनी प्रेमिका से मिलना भारी पड़ गया। बौंसी थाना क्षेत्र के पहुंसरा पंचायत में एक प्रेमी को गांव वालों और लड़की के परिजनों ने पकड़ लिया और फिर जो हुआ उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। युवक को खूंटे से बांधकर तब तक पीटा गया जब तक वह अधमरा नहीं हो गया। इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
सोशल मीडिया पर शुरू हुई थी 'खूनी' प्रेम कहानी
मृतक की पहचान नरपतगंज थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव निवासी अमरजीत कुमार (22) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अमरजीत और पहुंसरा गांव की एक नाबालिग लड़की के बीच सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती हुई थी, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। मंगलवार को अमरजीत अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचा था और उसे बाइक से छोड़ने उसके गांव आया था।

खूंटे से बांधकर बरसाईं लाठियां
जैसे ही अमरजीत लड़की को छोड़ने गांव पहुंचा, लड़की के परिजनों और कुछ ग्रामीणों ने उसे देख लिया। गुस्साए परिजनों ने युवक को पकड़कर एक खूंटे से बांध दिया और लाठी-डंडों से उसकी बेदम पिटाई शुरू कर दी। सूचना मिलने पर बौंसी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लहूलुहान हालत में अमरजीत को रानीगंज अस्पताल ले गई। हालत नाजुक होने के कारण उसे पूर्णिया रेफर किया गया, जहां देर रात उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
गांव में सन्नाटा, आरोपी फरार
वारदात के बाद से ही गांव में दहशत का माहौल है। टाइम्स भारत की टीम को मिली जानकारी के अनुसार, घटना के बाद मुख्य आरोपी (लड़की के परिजन) घर छोड़कर फरार हो गए हैं। पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने बताया कि मृतक इंटर पास था और मजदूरी कर परिवार का हाथ बटाता था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।
पुलिस का बयान
बौंसी थानाध्यक्ष कुंदन कुमार ने बताया, "प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग का है। युवक की पिटाई के बाद इलाज के दौरान मौत हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।"
ब्यूरो रिपोर्ट, टाइम्स भारत