सीमांचल में घुसपैठियों पर अमित शाह का स्ट्राइक: रडार पर आए 'कुकुरमुत्ते' जैसे खुले आधार केंद्र

Edited By: Jay Dubey
Updated At: 02 March 2026 23:04:49

बिहार सीमा पर 'ऑपरेशन क्लीन': गृह मंत्री ने दिए संदिग्ध आधार केंद्रों को बंद करने के निर्देश

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Times Bharat News: एक्सक्लूसिव

सीमांचल में घुसपैठियों की खैर नहीं! अमित शाह का बड़ा एक्शन, रडार पर आए 'कुकुरमुत्ते' की तरह खुले आधार केंद्र

पूर्णिया/किशनगंज: बिहार के सीमावर्ती इलाकों (सीमांचल) में बढ़ती घुसपैठ और बदलती जनसांख्यिकी (Demographic change) को लेकर केंद्र सरकार ने अब 'आर-पार' की लड़ाई का मूड बना लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के तीन दिवसीय बिहार दौरे के समापन पर सीमा सुरक्षा को लेकर बड़ी रणनीति तैयार की गई है। पूर्णिया में अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में शाह ने स्पष्ट कर दिया कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।

आधार केंद्रों पर गिरेगी गाज

सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री ने सीमावर्ती जिलों में 'कुकुरमुत्ते' की तरह खुले संदिग्ध आधार केंद्रों पर कड़ी नाराजगी जताई है। जांच में सामने आया है कि ये केंद्र घुसपैठियों को भारतीय पहचान दिलाने का आसान जरिया बन रहे हैं। शाह ने निर्देश दिया है कि इन केंद्रों की पहचान कर इन्हें तत्काल बंद किया जाए और फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले सिंडिकेट के खिलाफ 'मिशन मोड' में कार्रवाई शुरू की जाए।

1951 की जनगणना बनेगा आधार

बैठक में अमित शाह ने अधिकारियों को 1951 से लेकर 2011 तक की जनगणना के आंकड़ों का तुलनात्मक अध्ययन करने का निर्देश दिया। जिन इलाकों में जनसंख्या में 'असामान्य' वृद्धि देखी गई है, वहां के नए बसे गांवों और टोलों की सघन जांच की जाएगी। गृह मंत्री ने साफ कहा कि जनसांख्यिकी में हो रहा बदलाव एक गंभीर चुनौती है और इसकी रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार की जाए।

एजेंसियों को 'एक्शन मोड' का निर्देश

बैठक में SSB, BSF, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के आला अधिकारी मौजूद रहे। गृह मंत्री ने सभी सुरक्षा और जांच एजेंसियों को आपस में तालमेल बढ़ाकर सीमा सुरक्षा तंत्र को अभेद्य बनाने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि सीमा प्रबंधन और घुसपैठ रोकने में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्य बिंदु जिस पर रहेगी नज़र:

  • फर्जी आधार कार्ड: संदिग्ध सेंटरों के खिलाफ जल्द शुरू होगा विशेष अभियान।
  • नए गांव: हाल के वर्षों में बसे नए टोलों की होगी ग्राउंड लेवल पर पड़ताल।
  • संयुक्त मॉनिटरिंग: केंद्र और राज्य की एजेंसियां मिलकर करेंगी काम।

टाइम्स भारत न्यूज़ डेस्क की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले दिनों में सीमांचल के जिलों में सुरक्षा व्यवस्था और पहचान पत्रों की जांच में बड़ी सख्ती देखने को मिल सकती है। अमित शाह का यह कड़ा रुख साफ संकेत है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ और अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए अब 'सर्जिकल स्ट्राइक' जैसी तैयारी है।

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