मिशन सीमांचल: बिहार दौरे पर गृह मंत्री अमित शाह, घुसपैठ और बॉर्डर सुरक्षा पर करेंगे हाई-लेवल मीटिंग।

Edited By: Jay Dubey
Updated At: 25 February 2026 21:12:47

शाह का सीमांचल दौरा: किशनगंज से पूर्णिया तक सुरक्षा एजेंसियों में खलबली।

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टाइम्स भारत न्यूज़ एक्सक्लूसिव

मिशन सीमांचल: बिहार के रण में उतरेंगे अमित शाह, 25 फरवरी से तीन दिवसीय दौरा; घुसपैठ और बॉर्डर सुरक्षा पर होगा 'बड़ा प्रहार'

पूर्णिया/किशगंज: देश के गृह मंत्री और भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह एक बार फिर बिहार के सबसे संवेदनशील इलाके 'सीमांचल' के दौरे पर आ रहे हैं। 25 फरवरी से शुरू हो रहा यह तीन दिवसीय दौरा न केवल सुरक्षा के लिहाज से, बल्कि राजनीतिक गलियारे में भी बड़ी हलचल पैदा करने वाला माना जा रहा है। 'टाइम्स भारत न्यूज़' को मिली जानकारी के मुताबिक, इस दौरे का मुख्य एजेंडा भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा और सीमावर्ती इलाकों में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव (Demographic Change) की समीक्षा करना है।

शाह का 'पावर पैक्ड' शेड्यूल:

  • 25 फरवरी (किशनगंज): गृह मंत्री शाम 4 बजे पूर्णिया पहुंचेंगे, जहाँ से वे सीधे किशनगंज के लिए उड़ान भरेंगे। यहाँ कलेक्ट्रेट में देर शाम तक हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक होगी, जिसमें सीमा सुरक्षा बल (BSB) और स्थानीय प्रशासन के आला अधिकारी शामिल होंगे।
  • 26 फरवरी (अररिया और 'वाइब्रेंट विलेज'): दूसरे दिन शाह अररिया के लेट्टी सीमा चौकी (BOP) पर जवानों का हौसला बढ़ाएंगे। इसके बाद वे 'वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम' के तहत सीमावर्ती गांवों में विकास योजनाओं का जायजा लेंगे।
  • 27 फरवरी (पूर्णिया): दौरे के आखिरी दिन पूर्णिया में अधिकारियों के साथ अंतिम दौर की बैठक होगी, जिसमें सीमांचल को 'घुसपैठ मुक्त' बनाने का रोडमैप तैयार किया जा सकता है।

सुरक्षा एजेंसियों के साथ 'बड़ा मंथन'

सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय 'नक्सल मुक्त भारत' की तर्ज पर अब 'घुसपैठ मुक्त सीमांचल' के मिशन पर काम कर रहा है। अमित शाह इस दौरे के दौरान अवैध प्रवासियों, रोहिंग्या समस्या और सीमा पार से होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ा रुख अपना सकते हैं। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जा सकते हैं कि सीमावर्ती जिलों में हर अवैध गतिविधि पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाए।

सियासी मायने: 2024 के बाद का बड़ा दांव

सीमांचल का यह इलाका हमेशा से भाजपा के एजेंडे में ऊपर रहा है। पिछली रैलियों में भी अमित शाह ने घुसपैठियों को चुन-चुनकर निकालने की बात कही थी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस दौरे के जरिए शाह न केवल सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करेंगे, बल्कि सीमांचल के वोट बैंक समीकरणों को भी साधने की कोशिश करेंगे।

बने रहिए 'टाइम्स भारत न्यूज़' के साथ, अमित शाह के बिहार दौरे की हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए।

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