नेपाल पत्रकार अर्जुन आचार्य पर जानलेवा हमला, एमाले कार्यकर्ताओं पर FIR, भारत-नेपाल के पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश।

Edited By: munna takur
Updated At: 28 February 2026 18:52:06

चुनावी कवरेज के दौरान पत्रकार को बूटों से पीटा, स्कॉर्पियो में अपहरण की कोशिश, केपी शर्मा ओली की मौजूदगी पर उठे सवाल।

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नेपाल: पत्रकार अर्जुन आचार्य पर जानलेवा हमला, एमाले कार्यकर्ताओं पर FIR; भारत-नेपाल के पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश

बिराटनगर/जोगबनी: सीमावर्ती देश नेपाल के बिराटनगर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनावी रिपोर्टिंग कर रहे वरिष्ठ पत्रकार अर्जुन कुमार आचार्य पर 'नेकपा एमाले' से जुड़े वॉलंटियर्स फोर्स के सदस्यों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना के बाद सीमा के दोनों ओर भारत और नेपाल के पत्रकार संगठनों में उबाल है। आसियान इंटरनेशनल जर्नलिस्ट काउंसिल के निदेशक राजेश कुमार शर्मा सहित कई संगठनों ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

चुनावी रंजिश और बर्बरता: क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, घटना गुरुवार शाम करीब 5 बजे कमल गाउँपालिका के जीवन चौक की है। उस समय नेकपा एमाले के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली घर-घर जाकर चुनाव प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान कुछ महिलाओं द्वारा विपक्षी चुनाव चिह्न 'घंटी' पर वोट देने की बात कहने पर एमाले कार्यकर्ता भड़क गए और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने लगे।

जब पत्रकार अर्जुन आचार्य इस पूरी घटना का वीडियो बनाने लगे, तो 'वॉलंटियर्स फोर्स' के गुर्गों ने उन पर धावा बोल दिया। पत्रकार को मुक्कों और बूटों से बेरहमी से पीटा गया, जिससे उनके चेहरे, पीठ और सिर में गंभीर चोटें आई हैं।

अपहरण की कोशिश और लूटपाट का आरोप

पीड़ित पत्रकार ने शुक्रवार शाम इलाका पुलिस कार्यालय, दमक में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। शिकायत में सनसनीखेज खुलासा किया गया है कि हमले के बाद आचार्य को सफेद रंग की स्कॉर्पियो (नंबर: बागमती 2561) में जबरन लादकर अपहरण करने का प्रयास भी किया गया। हमलावरों ने उनका मोबाइल और चश्मा भी लूट लिया।

पीड़ित का दर्द: "हैरानी की बात यह है कि घटना के समय एमाले अध्यक्ष केपी शर्मा ओली महज कुछ मीटर की दूरी पर थे, लेकिन उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को रोकने या पत्रकार की सुध लेने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।"

पुलिस की कार्रवाई और संगठनों की मांग

इलाका पुलिस कार्यालय दमक के डीएसपी किशोर लम्साल ने बताया कि मुख्य आरोपी युवराज पाठक सहित पांच लोगों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

इस बीच, नेपाल पत्रकार महासंघ और फ्रीडम फोरम ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया है। संगठनों ने मांग की है कि:

  • दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर मुलुकी अपराध संहिता के तहत मुकदमा चलाया जाए।
  • लूटा गया सामान (मोबाइल, चश्मा) बरामद किया जाए।
  • पत्रकार को शारीरिक व मानसिक क्षतिपूर्ति और इलाज का खर्च दिलाया जाए।

 

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