RITM फारबिसगंज में एआई और साइबर सुरक्षा पर मेगा वर्कशॉप; दानिश आबिद ने छात्रों को दिया 'Earn While Learn' का गुरुमंत्र।
"भविष्य की तकनीक, आज की तैयारी"—RITM परिसर में युवाओं ने सीखे एथिकल हैकिंग और डेटा साइंस के गुर।
डिजिटल क्रांति: RITM में गूँजा 'Earn While Learn' का मंत्र; एआई और साइबर सुरक्षा से भविष्य संवारेंगे फारबिसगंज के युवा
संवाददाता: टाइम्स भारत न्यूज़ डेस्क स्थान: फारबिसगंज (अररिया) तारीख: 12 मई, 2026
1. RITM में "फ्यूचर रेडी" कार्यशाला का सफल आयोजन
फारबिसगंज स्थित रुंगटा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (RITM) के परिसर में मंगलवार को "फ्यूचर रेडी: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा एवं उभरती तकनीकें" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सीमांचल के युवाओं को डिजिटल भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं के लिए तैयार करना था।
2. 'पढ़ाई के साथ कमाई' की राह दिखाएंगे एआई और साइबर सुरक्षा
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, मशहूर साइबर सुरक्षा इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ मो. दानिश आबिद ने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान दिया। उन्होंने विशेष रूप से “सीखते हुए कमाई” (Earn While Learn) की अवधारणा पर जोर देते हुए बताया कि कैसे छात्र पढ़ाई के दौरान ही एआई, एथिकल हैकिंग और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
उन्होंने छात्रों को फ्रीलांसिंग, कंटेंट डेवलपमेंट और एआई आधारित परियोजनाओं के जरिए आय के अवसर प्राप्त करने के गुर सिखाए।
3. भविष्य की तकनीकों पर विस्तृत चर्चा
कार्यशाला में केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि उद्योग की वर्तमान जरूरतों पर संवाद हुआ। विशेषज्ञ ने निम्नलिखित उभरते क्षेत्रों पर विस्तार से जानकारी दी:

- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग
- क्लाउड कंप्यूटिंग और ब्लॉकचेन
- इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और रोबोटिक्स
- डेटा साइंस और एथिकल हैकिंग
4. विजनरी संदेश: तकनीक से आत्मनिर्भरता तक
- डॉ. संजय प्रधान (निदेशक, MDMS): उन्होंने अपने प्रेरणादायी संदेश में कहा कि तकनीक का सकारात्मक और जिम्मेदार उपयोग ही आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
- महावीर प्रसाद रूंगटा (अध्यक्ष, आर.के. रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट): उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थान का उद्देश्य छात्रों को केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि उन्हें 'उद्योग-उन्मुख' (Industry-ready) बनाना है।
- उर्मिला रूंगटा (ट्रस्टी): उन्होंने युवाओं को अनुशासन और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति अपनाने के लिए प्रेरित किया।
5. संस्थान की प्रतिबद्धता: प्राचार्य डॉ. राशिद हुसैन
संस्थान के प्राचार्य डॉ. राशिद हुसैन ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं छात्रों को कक्षा के बाहर की दुनिया और व्यावहारिक कौशल से जोड़ती हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे तकनीकी उन्नयन कार्यक्रमों को आयोजित करने का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी एस. बी. कुमार, गौरव कुमार, उत्कर्ष कुमार सहित समस्त शिक्षकगण मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए और विशेषज्ञों के साथ सीधा संवाद सत्र आयोजित हुआ।