सीमांचल को सौगात: कटिहार-जोगबनी रेल लाइन दोहरीकरण को मंजूरी, ₹1799 करोड़ से बदलेगी अररिया-फारबिसगंज की सूरत
: कोसी-सीमांचल का महामिलन: सहरसा-फारबिसगंज-जोगबनी रूट पर दौड़ेगी डबल ट्रैक की रफ्तार, नेपाल व्यापार को लगेंगे पंख
सीमांचल को बड़ी सौगात: कटिहार-जोगबनी रेल लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी, ₹1799 करोड़ होंगे खर्च
पूर्णिया/अररिया: बिहार के सीमांचल क्षेत्र के लिए बुनियादी ढांचे और विकास के मोर्चे पर एक बड़ी खबर सामने आई है। रेल मंत्रालय ने कटिहार-जोगबनी रेल खंड के दोहरीकरण (Doubling) परियोजना को आधिकारिक हरी झंडी दे दी है। करीब 1,799.82 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से न केवल उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी सुधरेगी, बल्कि नेपाल के साथ होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी नई गति मिलेगी।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
- कुल बजट: ₹1,799.82 करोड़।
- लंबाई: 108 किलोमीटर लंबे ट्रैक का होगा दोहरीकरण।
- समय सीमा: अगले 4 वर्षों में काम पूरा करने का लक्ष्य।
- प्रभावित स्टेशन: रूट के सभी 19 रेलवे स्टेशनों का होगा कायाकल्प।
क्यों खास है यह प्रोजेक्ट?
कटिहार, पूर्णिया और अररिया जिलों के लिए यह रेल लाइन किसी जीवन रेखा से कम नहीं है। वर्तमान में सिंगल ट्रैक होने के कारण इस रूट पर ट्रेनों का दबाव अधिक है, जिससे अक्सर यात्री ट्रेनें लेट होती हैं और मालगाड़ियों की रफ्तार भी सुस्त रहती है।
ट्रैक के दोहरीकरण से ट्रेनों की औसत गति बढ़ेगी और यात्रा के समय में भारी कमी आएगी। इसके साथ ही, अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम और स्टेशनों पर बेहतर यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
भारत-नेपाल व्यापार को मिलेगा 'पंख'
सामरिक दृष्टि से जोगबनी, भारत-नेपाल सीमा पर स्थित एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है। इस लाइन के डबल होने से खाद्यान्न, औद्योगिक कच्चे माल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की नेपाल तक पहुंच आसान हो जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और सीमांचल के आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आएगा।
सर्वे का काम पूरा, जमीन की बिक्री पर रोक
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, दोहरीकरण के लिए आवश्यक भूमि का फाइनल सर्वे पहले ही पूरा किया जा चुका है। परियोजना में कोई बाधा न आए, इसके लिए रेलवे ट्रैक के किनारे की जमीनों की खरीद-बिक्री पर प्रशासन द्वारा पहले ही रोक लगा दी गई है।
बिहार में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में यह कदम 'सिलीगुड़ी कॉरिडोर' की कनेक्टिविटी को भी मजबूती प्रदान करेगा।
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