अररिया पुलिस का बड़ा एक्शन: सरकारी वेबसाइट हैक कर फर्जी आधार बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार।
बिहार में 'आधार' डिजिटल स्ट्राइक: जोकीहाट और पलासी में छापेमारी, हैकिंग के जरिए चल रहा था फर्जी दस्तावेजों का काला खेल।
टाइम्स भारत न्यूज: एक्सक्लूसिव
अररिया में बड़े 'आधार' स्कैम का पर्दाफाश: सरकारी वेबसाइट हैक कर चल रहा था फर्जी दस्तावेजों का काला खेल, 3 मास्टरमाइंड गिरफ्तार
अररिया, बिहार: बिहार के अररिया जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ पुलिस ने सरकारी तंत्र की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह मामूली जालसाज नहीं, बल्कि सरकारी वेबसाइट्स को हैक कर अवैध तरीके से आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज बनाने में शामिल था।
जोकीहाट और पलासी में पुलिस की बड़ी स्ट्राइक टाइम्स भारत को मिली जानकारी के अनुसार, अररिया पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर जोकीहाट और पलासी थाना क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस ने इस गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों- मो. अम्मर आलम, रोशन कुमार और संगम कुमार को दबोच लिया है। हालांकि, गिरोह का एक और सदस्य उपेश कुमार मंडल फिलहाल फरार बताया जा रहा है।
कैसे खुला राज? जोकीहाट पुलिस को सूचना मिली थी कि काकन चौक स्थित एक कंप्यूटर दुकान की आड़ में डिजिटल धोखाधड़ी हो रही है। जब पुलिस ने वहां धावा बोला, तो संचालक मो. अम्मर आलम के पास से भारी मात्रा में संदिग्ध उपकरण बरामद हुए। पूछताछ में अम्मर ने स्वीकार किया कि वह पहले आधार नामांकन केंद्र चलाता था, लेकिन काम बंद होने के बाद उसने शॉर्टकट अपनाया और अपने साथियों के साथ मिलकर सरकारी पोर्टल हैक करना शुरू कर दिया।
बरामदगी की लिस्ट लंबी है: पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान जब्त किया है:
- हाई-टेक लैपटॉप और कंप्यूटर सिस्टम
- फिंगरप्रिंट मशीन और आइरिस स्कैनर (आंखों की पुतली स्कैन करने वाली मशीन)
- भारी संख्या में फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी
- जन्म प्रमाण पत्र, आय, निवास और जाति प्रमाण पत्र के अवैध फॉर्मेट
- बैंक पासबुक और ब्लैंक चेकबुक
साइबर सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल इस गिरोह के पकड़े जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल सरकारी डेटा की सुरक्षा पर खड़ा हो गया है। आरोपी न केवल फर्जी दस्तावेज बना रहे थे, बल्कि सरकारी वेबसाइट्स तक पहुंच बनाकर डेटा के साथ छेड़छाड़ भी कर रहे थे। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह के तार बिहार के अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं।
पुलिसिया कार्रवाई जारी अररिया पुलिस के मुताबिक, जोकीहाट थाना में कांड संख्या 83/26 दर्ज कर मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस अब उन लोगों की भी तलाश कर रही है जिन्होंने इस गिरोह से फर्जी दस्तावेज बनवाए हैं।
टाइम्स भारत न्यूज की रिपोर्ट।