चुनावी बोर्ड की रणनीति का क्या जनरल कैटेगरी बलि चढ़ा?
राइट टू इक्वलिटी का क्या मतलब है ? शिक्षा संस्थान में विद्यार्थी को कानून के रूप में हथियार देकर जबरन इक्वलिटी की मांग क्या जायज है?
42 साल की पार्टी और 45 साल का अध्यक्ष :बी जे पी।
चुनावी बोर्ड की रणनीति का क्या जनरल कैटेगरी बलि चढ़ा?
बंगाल, केरल, और तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के बाद देश का 29 का चुनाव राजनीति की रणनीति और विपक्ष के दावे के 80 पर्सेंट वोट को साधने के लिए यूजीसी का कानून अब मंचों से बताए जाएंगे?

नमस्कार। अगर किसी समुदाय के पेट और परिवार पर वार किया जाए तो आप क्या कहेंगे
जब आरोपी के पास कोई रास्ता न हो और अपील के लिए आरोप के टूबनल मे कैद होकर न्याय की तलाश लिए मजबूरी से इंतजार करना पड़े तो क्या यह न्याय है?
राइट टू इक्वलिटी का क्या मतलब है ? शिक्षा संस्थान में विद्यार्थी को कानून के रूप में हथियार देकर जबरन इक्वलिटी की मांग क्या जायज है?
दरअसल 13 जनवरी 2026 को यूजीसी में एक कानून लाया गया ।जिसमें इक्वलिटी की बात कही गई बात तो अपने आप में सही है ।लेकिन जो नियम बने हैं। वह सवाल के घेरे में यह देश के लिए बहुत बड़ा घातक चैलेंज होगा। क्योंकि एक वर्ग के मानसिकता को दबोच कर उसे अंडर एस्टीमेट रखने के लिए जबरन कानून का सहारा लेना अपने आप में कहीं से न्याय संगत इसलिए नहीं है। कि वह जगह विद्या का मंदिर है। जिसमें संविधान उसे पूर्ण रूप से स्वतंत्र आजादी के तहत शिक्षा लेने का अधिकार देता है ।
राजनीतिक मनसा को साधने के लिए 80 और 20 की लड़ाई में अगर कोई राजनीतिक पार्टी सत्ता में बैठकर विपक्ष को जवाब देने के लिए भविष्य में सत्ता में बने रहने के लिए वोटो के आंकड़े को अपने पक्ष में रखने के लिए ऐसे कानून लाती है। तो वह ज्यादा दिन चलने वाली पार्टी नहीं होगी ।भविष्य जरूर इसका जवाब देगा।
जनरल कैटेगरी के लिए लाये गए एससी एसटी कानून अब यूजीसी के विद्यालयों में लागू किए जाएंगे ।जिसमें इक्वलिटी की बात को रखते हुए न्याय किया जाएगा और न्याय की मनसा राजनीति वोटो के आंकड़ों के पैमाने पर होगी तो 20% वोट का वजूद पर 80% वोट के सामने फीका पड़ेगा ।और न्याय अपने आप में चुपचाप खड़ा दिखाई देगा।