IGIMS पटना में बंपर बहाली: 2920 नए पदों पर भर्ती की तैयारी, स्वास्थ्य सेवाओं का होगा विस्तार।
बिहार स्वास्थ्य विभाग का बड़ा फैसला: पटना IGIMS में भरे जाएंगे 2920 से ज्यादा पद।
बिहार स्वास्थ्य विभाग का बड़ा फैसला: पटना IGIMS में 2920 नए पदों पर होगी भर्ती, स्वास्थ्य सेवाओं का होगा कायाकल्प
पटना, टाइम्स भारत न्यूज़: बिहार की राजधानी पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में इलाज कराने आने वाले मरीजों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार संस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए एक मेगा प्लान तैयार कर रही है। इस योजना के तहत संस्थान में 2920 से अधिक नए शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों के सृजन का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है।
अस्पताल की क्षमता बढ़ने से बढ़ा पदों का ग्राफ
टाइम्स भारत को मिली जानकारी के अनुसार, IGIMS अस्पताल प्रबंधन ने संस्थान की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए मानव संसाधन बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। इस प्रस्ताव में मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में पदों का विवरण दिया गया है:
- 1200 बेड वाले अस्पताल के लिए: विभिन्न विभागों में कुल 2091 पद।
- 500 बेड वाले अतिरिक्त अस्पताल के लिए: कुल 765 पद।
- क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के लिए: कुल 64 पद।
कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल प्रबंधन द्वारा भेजे गए इस प्रस्ताव की समीक्षा शुरू कर दी गई है। विभागीय सचिव और स्वास्थ्य मंत्री की हरी झंडी मिलते ही इसे अंतिम मंजूरी के लिए राज्य कैबिनेट (मंत्रिमंडल) के पास भेजा जाएगा। माना जा रहा है कि सरकार इस साल के अंत तक इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है।
मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ
IGIMS में हर दिन हजारों की संख्या में बिहार और पड़ोसी राज्यों से मरीज पहुँचते हैं। पदों के सृजन और नई नियुक्तियों से न केवल मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा, बल्कि वेटिंग लिस्ट में भी कमी आएगी। इसके साथ ही संस्थान में चिकित्सा शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में भी मजबूती आएगी।
पदोन्नति की प्रक्रिया भी जारी
नए पदों के साथ-साथ संस्थान में पहले से कार्यरत कर्मियों के लिए भी अच्छी खबर है। योग्य कर्मियों को नियमानुसार प्रोन्नति (Promotion) देने की प्रशासनिक कार्रवाई भी तेज कर दी गई है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा हुआ है।
बिहार सरकार का यह कदम प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।
ब्यूरो रिपोर्ट, टाइम्स भारत न्यूज़।