मनरेगा (MGNREGA) के नाम को बदलकर “जीराम जी / VB-G RAM G”
विकास-उन्मुख ग्रामीण रोजगार प्रणाली” को मजबूत ‘Viksit Bharat 2047’ के लक्ष्य
यहाँ आज के संसद सत्र (डिसेंबर 16, 2025) में मनरेगा (MGNREGA) के नाम को बदलकर “जीराम जी / VB-G RAM G” कर देने संबंधी बिल
🧾 क्या हुआ? – संसद में नया बिल पास
➡️ केंद्र सरकार ने संसद में “विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)” विधेयक, 2025 पेश किया, जिसे VB-G RAM G बिल के रूप में जाना जा रहा है। इस विधेयक के तहत मनरेगा (MGNREGA) का पुराना नाम और स्वरूप बदलकर नया किया जाएगा।
✔️ मनरेगा (MGNREGA) - जो अब तक ग्रामीण बेरोजगारों को 100 दिन की वार्षिक रोजगार गारंटी प्रदान करता था, उसे नए कानून में “VB-G RAM G” नाम से बदल दिया जाएगा।
✔️ नया बिल “MGNREGA” को रद्द कर नया कानून लागू करेगा, जो 125 दिन तक वार्षिक रोजगार की गारंटी देगा और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास तथा बुनियादी ढांचे निर्माण पर केंद्रित रहेगा।
📌 ध्यान दें: संसद में विधेयक पेश और पारित किया गया है (जिस संकेत के अनुसार इसे आगे कानून के रूप में मंजूर माना जा रहा है) — हालांकि विरोध और संशोधनों की मांग जोर पकड़ी है।
📊 मुख्य बदलाव – बिल में प्रस्तावित बातें
| विषय | पुराना (MGNREGA) | नया (VB-G RAM G) |
|---|---|---|
| नाम | Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act | Viksit Bharat-Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) |
| रोजगार गारंटी | 100 दिन | 125 दिन (वार्षिक) |
| नाम में गांधी का उल्लेख | हाँ | नहीं (अब VB-G RAM G) |
| केंद्र-राज्य साझेदारी | अधिकांश व्यय केंद्र | केंद्र-राज्य साझेदारी 60:40 (कुछ क्षेत्रों में अलग) |
| फोकस | मजदूरी आधारित रोजगार | रोजगार + ग्रामीण विकास + बुनियादी ढांचा |
📌 सरकार का तर्क
✔️ सरकार का कहना है कि यह बदलाव “विकास-उन्मुख ग्रामीण रोजगार प्रणाली” को मजबूत करेगा और इसे ‘Viksit Bharat 2047’ के लक्ष्य से जोड़ेगा।
✔️ नया मॉडल केंद्र और राज्यों के बीच व्यय साझा करके योजनाओं का विस्तार करेगा और जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देगा।
📉 विरोध – विपक्षी दलों की आलोचना
🔴 कांग्रेस, TMC और अन्य विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है:
• महात्मा गांधी का नाम हटाना गलत और अनुचित : कहा जा रहा है कि यह “गांधी जी के आदर्श और दीक्षा” को मिटाने जैसा है।
• कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इससे मनरेगा की आत्मा और मूल अधिकार-आधारित स्वरूप प्रभावित हो सकता है।
• कुछ विपक्षी नेताओं ने नए नामकरण को राजनीतिक प्रेरणा और इतिहास को बदलने का प्रयास बताया है।
🧠 विश्लेषण (संक्षेप में)
📌 नीति की दिशा में बदलाव
सरकार MGNREGA के मूल ढांचे को बदलकर इसे एक विकास-प्रमुख, रोजगार-सह-बुनियादी ढांचा योजना के रूप में पुनर्परिभाषित करना चाहती है। रोजगार के साथ ग्रामीण आर्थिक ढांचे का विस्तार इसका लक्ष्य है।
📌 नाम और पहचान का महत्व
MGNREGA का नाम भारतीय इतिहास और गांधी जी के सामाजिक न्याय के विचार से जुड़ा हुआ था। उसका हटना राजनीतिक और सामाजिक बहस का मुद्दा बन गया है।
📌 राज्य-केंद्र वित्तीय भागीदारी का बदलाव
नए ढांचे में राज्यों को भी खर्च का हिस्सा उठाना होगा, जिसका कई राज्यों ने विरोध किया है, क्योंकि इससे लागत-भारी योजनाओं के संचालन में दबाव बढ़ सकता है।
📌 निष्कर्ष
आज पास हुए नए विधेयक ने मनरेगा के नाम व स्वरूप को बदलकर VB-G RAM G कर दिया है, जिससे ग्रामीण रोजगार नीति में बड़ा बदलाव होगा—आर्थिक लक्ष्य, रोजगार अवधि, वित्तीय साझेदारी और पहचान के आधार पर। इस निर्णय पर राजनीतिक विवाद भी तेज हैं।