बॉन्डाई बीच आतंकवादी हमला — 14 दिसंबर 2025
सिडनी, ऑस्ट्रेलिया
📰 रिपोर्ट: बॉन्डाई बीच आतंकवादी हमला — 14 दिसंबर 2025
📌 घटना का सार
- तारीख: 14 दिसंबर 2025
- स्थान: बॉन्डाई बीच, सिडनी, न्यू साउथ वेल्स, ऑस्ट्रेलिया
- प्रकरण: एक बड़े यहूदी समुदाय के हनुक्का (Hanukkah) उत्सव के दौरान अचानक दो सशस्त्र व्यक्तियों द्वारा गोलीबारी की गई, जिसे अधिकारियों ने आतंकवादी हमला और जातीय-नफरत से प्रेरित क्रिया बताया।
🧑🤝🧑 हमलावर
- पुलिस ने बताया कि दो हमलावर एक पिता और उसका बेटा थे —
- पिता (लगभग 50 वर्ष)
- बेटा (लगभग 24 वर्ष)
- पिता को पुलिस ने मौके पर ही मार गिराया, जबकि बेटा घायल पकड़ा गया और अस्पताल में है।
🔫 हमले का तरीका
- वे हथियारों से लैस थे और भीड़ पर गोलियाँ बरसाईं।
- एक साधारण व्यक्ति (बायस्टैन्डर) ने एक हमलावर को हथियार से बेदखल किया जिससे संभावित बड़ी हताहत स्थिति टली।
💔 हताहत (Casualties & Damage)
🔴 मृत्यु
- नवीनतम आधिकारिक जानकारी के अनुसार कम से कम 15–16 लोगों की मौत हुई है।
इसमें एक 10 वर्षीय बच्ची भी शामिल है।
🩹 ज़ख्मी
- लगभग 40–43 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- इनमे पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं जो हमले में घायल हुए थे।
🧍♂️ पीड़ितों में शामिल लोग
पीड़ितों में विविध पृष्ठभूमि के लोग हैं, जिनमें:
- रब्बी (Rabbi Eli Schlanger), यंग बच्चा, होलोकॉस्ट सर्वाइवर और अन्य स्थानीय तथा विदेशी नागरिक शामिल हैं।
🚨 आतंकवादी और सामाजिक संदर्भ
🕯️ लक्षित समुदाय
हमला विशेष रूप से यहूदी समुदाय के हनुक्का उत्सव को निशाना बनाकर किया गया माना जा रहा है।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री सहित अधिकारियों ने इसे घृणा-आधारित आतंकवादी हमला और यहूदियों पर नियोजित हमला कहा है।
🧨 बढ़ती चिंता
- पुलिस ने मौके से बम जैसे डिवाइस भी पाए और निष्क्रिय किए।
- इस घटना ने आतंकवाद, नफरत-आधारित हिंसा, और सार्वजनिक सुरक्षा की चिंताओं को दोबारा उभारा है।
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🗣️ प्रतिक्रिया और स्थिति
- ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री और अंतर्राष्ट्रीय नेताओं ने कड़ी निंदा की है और सुरक्षा प्रोटोकॉल बढ़ाने की घोषणा की है।
- सरकार कठोर हथियार नियंत्रण कानूनों पर विचार कर रही है।
🧠 निष्कर्ष
बॉन्डाई बीच पर यह हमला एक भयंकर आतंकवादी घटना था जिसमें सैकड़ों लोग हनुक्का मनाने के लिए इकट्ठे हुए थे।
हमले में दशकों में ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी गोलीबारी हुई और कई परिवारों का जीवन बदल गया। अधिकारियों का फ़ोकस अब सुरक्षा और जांच पर है, साथ ही पीड़ितों की सहायता पर भी जोर है।