ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय शाखा, फारबिसगंज में 90 वां शिव महोत्सव अत्यंत उत्साह पूर्व मनाया गया।

Edited By: munna takur
Updated At: 19 February 2026 07:20:45

शिव महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक गरिमा के साथ मनाया गया।

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मुन्ना ठाकुर फारबिसगंज
ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय शाखा, फारबिसगंज में 90 वां शिव महोत्सव अत्यंत उत्साह पूर्व मनाया गया।


फारबिसगंज (अररिया). महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थानीय शाखा, फारबिसगंज में 90 वां शिव महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अमेरिका से पधारी हुई ब्रह्माकुमारी संस्था की आध्यात्मिक शिक्षिका आदरणीय मनु दीदी जी की विशेष उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी दिव्य बना दिया। कार्यक्रम का आयोजन शहर के प्रसिद्ध ओम शांति भवन में किया गया, जहाँ सायं काल का वातावरण ध्यान और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा। शिव बाबा के पावन ध्वज का विधिवत झंडारोहण आदरणीय मनु दीदी जी, फारबिसगंज ब्राह्मकुमरीज़ कि इंचार्ज रुकमा दीदी फारबिसगंज की मुख्य पार्षद वीणा देवी, डॉक्टर मानव महेश, आयुष अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। जैसे ही शिव बाबा का ध्वज लहराया, पूरा परिसर “ओम शांति” के पवित्र उच्चारण से गूंज उठा और सभी के मन में अद्भुत शांति और आनंद का संचार हुआ। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या लोगों की उपस्थिति ने यह प्रमाणित कर दिया कि ब्रह्माकुमारीज की शिक्षाएं और सेवाएं समाज में गहराई तक प्रभाव डाल रही हैं। नगर के विभिन्न वर्गों से आए बुद्धिजीवी तथा युवा वर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अपने प्रेरणादायक संबोधन में मनु दीदी जी ने आत्मा और परमात्मा के गूढ़ रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आत्मा एक ज्योति स्वरूप, शाश्वत और अविनाशी सत्ता है, जबकि परमात्मा सर्वशक्तिमान, निराकार परम ज्योति हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय आध्यात्मिक जागरण का समय है, जिसमें प्रत्येक आत्मा को अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानना आवश्यक है। उन्होंने “राजयोग मेडिटेशन” की महत्ता समझाते हुए कहा कि ध्यान के माध्यम से आत्मा अपने भीतर की शक्तिओं को पुनः जागृत कर सकती है। राजयोग के अभ्यास से मन में शांति, स्थिरता और सकारात्मकता का विकास होता है। उन्होंने बताया कि ध्यान केवल आंखें बंद करने का अभ्यास नहीं, बल्कि परमात्मा से आत्मिक संबंध जोड़ने की कला है। जब आत्मा परमात्मा से जुड़ती है, तब जीवन में नई ऊर्जा और नई दिशा मिलती है। मनु दीदी जी ने मातृशक्ति की भूमिका पर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्व शांति की स्थापना में माताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि प्रत्येक माता अपने परिवार में शांति, संस्कार और आध्यात्मिकता का वातावरण बनाए, तो समाज में स्वतः ही सद्भाव और नैतिक मूल्यों का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि “शांति बाहर खोजने की वस्तु नहीं, बल्कि यह हमारे भीतर की अवस्था है, जिसे जागृत करना आवश्यक है।” कार्यक्रम में मुख्य पार्षद बीना देवी जी ने अपने संबोधन में ब्रह्माकुमारीज के सामाजिक और आध्यात्मिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा नारी सशक्तिकरण, नशा मुक्ति, चरित्र निर्माण और नैतिक शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने अपनी सेवा भावना को व्यक्त करते हुए कहा कि नगर के विकास के साथ-साथ आध्यात्मिक उन्नति भी आवश्यक है और ब्रह्माकुमारीज इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
डॉक्टर मानव महेश ने भी संस्था के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज के तनावपूर्ण जीवन में आध्यात्मिकता ही मानसिक स्वास्थ्य का सच्चा आधार है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान शरीर का उपचार करता है, लेकिन आध्यात्मिक ज्ञान आत्मा को स्वस्थ बनाता है। ब्रह्माकुमारीज द्वारा चलाए जा रहे ध्यान शिविर और नैतिक शिक्षा कार्यक्रम समाज को सकारात्मक दिशा दे रहे हैं।
इस भव्य आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी सुंदर प्रस्तुति हुई। शिव बाबा पर आधारित गीत-संगीत ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत नृत्य-संगीत ने शिव महिमा और आत्मिक जागृति का सुंदर संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत भजनों और ध्यान गीतों ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया।
पूरे आयोजन में अनुशासन, गरिमा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।
कार्यक्रम के अंत में सामूहिक ध्यान का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने कुछ क्षणों के लिए स्वयं को परमात्मा से जोड़कर गहन शांति का अनुभव किया। अंत में प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस प्रकार, फारबिसगंज की पावन धरती पर आयोजित यह शिव महोत्सव न केवल एक धार्मिक आयोजन रहा, बल्कि आत्मिक जागरण, सामाजिक एकता और सेवा भावना का प्रेरणादायक संदेश देने वाला एक ऐतिहासिक अवसर बन गया। इस अवसर पर पप्पू डालमिया,अजातशत्रु अग्रवाल, जयकुमार अग्रवाल, राम प्रकाश बाबूजी,सिंपल सर,अशोक मेहता, अशोक डाबरीवाला, आदित्य भाई, विकास भाई, दीपक भाई, वीरेन भाई, अनिल भाई, महेंद्र भाई, मातृशक्ति की ओर से रंजू डालमिया,रेखा धनावत, शांति मैडम, सिंधु दीदी, इंदु दीदी,
कमला दीदी,प्रेम दीदी,शांति दीदी,
सीता दीदी, संतोषी दीदी, रीमा बहन, मनीषा दीदी,अनीशा बहन,
तथा बड़ी संख्या में भाई-बहनों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल और यादगार बना दिया
 

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