टाइम्स भारत विशेष: क्या है ट्रंप का सेक्शन 122? जिसने वैश्विक व्यापार में मचाई खलबली।

Edited By: Jay Dubey
Updated At: 21 February 2026 23:54:52

सुप्रीम कोर्ट के झटके के बाद ट्रंप का नया दांव: अब दुनिया भर पर लगेगा 10% ग्लोबल टैरिफ।

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सुप्रीम झटके के बाद ट्रंप का 'टैरिफ वार': अब दुनिया भर पर लगेगा 10% ग्लोबल टैक्स, भारत के लिए क्या हैं मायने?

वाशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वहां की न्यायपालिका के बीच चल रही तनातनी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक नया भूचाल ला दिया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप के पिछले 'रेसिप्रोकल टैरिफ' (Reciprocal Tariff) को अवैध घोषित किए जाने के कुछ ही घंटों बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने एक नया दांव चलते हुए दुनिया के सभी देशों से होने वाले आयात पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का कार्यकारी आदेश जारी कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला और ट्रंप की नाराजगी

शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि राष्ट्रपति 1977 के 'इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट' (IEEPA) का इस्तेमाल करके इस तरह के व्यापक टैरिफ नहीं लगा सकते। कोर्ट के अनुसार, टैक्स लगाने की शक्ति संविधान के तहत केवल अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के पास है।

 

इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने इसे "हास्यास्पद" और "भयानक" बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "अदालत कहती है कि मैं व्यापार रोक सकता हूँ, लेकिन एक डॉलर का शुल्क नहीं लगा सकता। यह फैसला अमेरिका के हितों के खिलाफ है।"

सेक्शन 122: ट्रंप का नया 'हथियार'

कोर्ट के आदेश से बेपरवाह ट्रंप ने तुरंत ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122 का इस्तेमाल किया। इस कानून के तहत राष्ट्रपति को 'भुगतान संतुलन' (Balance of Payments) के घाटे को दूर करने के लिए 150 दिनों तक 15% तक का अस्थायी आयात सरचार्ज लगाने का अधिकार है। इसी के तहत अब 24 फरवरी, 2026 से सभी देशों पर 10% का नया टैरिफ लागू हो जाएगा।

 

 

भारत पर क्या होगा असर?

भारत के नजरिए से यह खबर मिली-जुली है। जहाँ एक तरफ वैश्विक अनिश्चितता बढ़ी है, वहीं तकनीकी रूप से भारत के लिए कुछ राहत भी दिख रही है:

  • टैरिफ में कमी: भारत पर पहले 18% का रेसिप्रोकल टैरिफ प्रस्तावित था। व्हाइट हाउस के अधिकारियों के अनुसार, अब अस्थायी रूप से भारत को भी अन्य देशों की तरह 10% टैरिफ ही देना होगा।

     

  • इन उत्पादों को राहत: व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि फार्मास्युटिकल्स (दवाएं), क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा उत्पाद और कुछ कृषि उत्पादों (जैसे टमाटर, संतरे) को इस नए शुल्क से बाहर रखा गया है।
  • इन पर मार जारी रहेगी: स्टील, एल्युमीनियम और तांबे जैसे उत्पादों पर पहले से चल रहा 50% तक का भारी टैरिफ जारी रहेगा।

निर्यातकों के बीच बढ़ी चिंता

भारतीय वाणिज्य मंत्रालय और विशेषज्ञ इस स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। हालांकि टैरिफ की दर 18% से घटकर 10% हुई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन आगे चलकर 'धारा 301' जैसे अन्य कानूनों के जरिए इसे फिर से बढ़ा सकता है।

"ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वे टैरिफ को सौदेबाजी के औजार की तरह इस्तेमाल करेंगे। भारत को अमेरिका के साथ अपने व्यापारिक रिश्तों को संतुलित करने के लिए अब और भी सतर्क कूटनीति की जरूरत होगी।" - आर्थिक विशेषज्ञ

 

 

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