नेपाल चुनाव को लेकर हाई अलर्ट: 3 दिनों के लिए सील होगी भारत-नेपाल सीमा।

Edited By: Jay Dubey
Updated At: 20 February 2026 18:12:11

भारत-नेपाल जिला समन्वय समिति की बैठक: चुनाव के दौरान घुसपैठ और तस्करी रोकने के लिए बनी रणनीति।

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नेपाल में चुनाव: 3 दिनों के लिए सील होगी भारत-नेपाल सीमा, अररिया में हुई हाई-लेवल मीटिंग

अररिया/विराटनगर: नेपाल में होने वाले आगामी संसदीय चुनावों के मद्देनजर भारत और नेपाल के बीच सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की तैयारी शुरू हो गई है। चुनावों के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए भारत-नेपाल सीमा को 3 दिनों के लिए पूरी तरह सील करने का फैसला लिया गया है।

3 दिनों तक रहेगी पाबंदी नेपाल के विराटनगर (मोरंग) में आयोजित भारत-नेपाल जिला समन्वय समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 2 मार्च 2026 की आधी रात से लेकर 5 मार्च की आधी रात तक सीमा को पूरी तरह सील रखा जाएगा। इस दौरान सीमा पार से होने वाली आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

सुरक्षा को लेकर बनी रणनीती बैठक में अररिया के जिलाधिकारी विनोद दूहन, एसपी जितेंद्र कुमार और एसएसबी (SSB) के कमांडेंट समेत किशनगंज और सुपौल के आला अधिकारी भी शामिल हुए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान सीमा पर सुरक्षा और आपसी तालमेल को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है।

इन मुद्दों पर रहा फोकस:

  • आतंकी गतिविधियों पर लगाम: सीमा पार से होने वाली किसी भी अवांछित या आतंकी गतिविधि को रोकने के लिए दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम करेंगी।
  • तस्करी पर प्रहार: हथियारों, विस्फोटक पदार्थों, मादक पदार्थों (Drugs) और जाली नोटों की तस्करी को रोकने के लिए खुफिया सूचनाएं साझा की जाएंगी।
  • अवैध घुसपैठ: नो-मेंस लैंड पर अतिक्रमण की जांच और अनाधिकृत रास्तों से वाहनों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
  • मानव तस्करी: सीमावर्ती इलाकों में ह्यूमन ट्रैफिकिंग रोकने के लिए संयुक्त ऑपरेशन चलाने पर भी सहमति बनी है।

टाइम्स भारत का नजरिया: भारत और नेपाल के बीच खुले बॉर्डर का फायदा अक्सर असामाजिक तत्व उठाते हैं। चुनाव के समय सीमा सील करने का यह फैसला न केवल नेपाल में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करेगा, बल्कि भारतीय सीमावर्ती जिलों में भी शांति व्यवस्था बनाए रखने में मददगार साबित होगा।

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