भारत के वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आज पेश किए गए 2026-27 के केंद्रीय बजट

Edited By: Jay Dubey
Updated At: 05 February 2026 00:51:41

मकान बनाने के लिए सीमेंट छड़ की कीमत में उछाल के साथ घर में सरसों के तेल से लेकर दलहं खाद्यान्न पदार्थ की स्थिति आप बखूबी पाठक तुलना कर सकते हैं।

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 भारत के वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आज पेश किए गए 2026-27 के केंद्रीय बजट 

एडिटोरियल निष्कर्ष 
सरकार ने कहा धुरंधर बजट जिसमें 2047 विकसित भारत की तैयारी है। 
वही इस बजट की प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने कहा कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने वाला बजट। 
आंकड़ों की बाजीगरी और अर्थव्यवस्था के सिद्धांत के मध्य नजर बजट अपने आप में सरकारी नजर से 2047 की तैयारी हो लेकिन वास्तव में जमीन पर प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि के साथ महंगाई दर के तुलनात्मक अध्ययन से पता चलता है कि  जेब खाली है। 
मकान बनाने के लिए सीमेंट छड़ की कीमत में उछाल के साथ घर में सरसों के तेल से लेकर दलहं खाद्यान्न पदार्थ की स्थिति आप बखूबी पाठक तुलना कर सकते हैं। 


स्थिति का आकलन लगाते हुए विश्व में टकराव के बदले किसी न किसी रूप में जैसे अब ईरान और अमेरिका रूस और यूक्रेन दोनों को अगर देखे तो एक गेहूं दूसरा पेट्रोलियम पदार्थ का विश्व पर प्रभाव छोड़ता है। जो अर्थव्यवस्था की प्रमुख उत्पाद है ।तो अगर कुल मिलाकर बात कहें तो सरकार का जो विजन है ।अगर उसमें कामयाबी मिलती है। तो 2047 तक विकसित भारत के साथ विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था पहुंचने की आसार मोदी सरकार की नजर से साकार हो सकता है।

📊 केंद्रीय बजट 2026–27: ‘विकसित भारत’ की दिशा में व्यापक योजना

आज संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट पेश किया, जो उनके लगातार नौवें बजट के रूप में दर्ज हुआ। यह बजट आर्थिक वृद्धि, आधारभूत संरचना, तकनीकी मजबूती और सामाजिक समावेशन का समन्वित प्रयास प्रतीत होता है।

बजट का केंद्रबिंदु विकास, समावेशन और स्थिरता है। इस में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय (Capex) को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ रखा गया है ताकि सड़क, रेल, बंदरगाह, और लॉजिस्टिक्स सहित कई बुनियादी ढांचे का विस्तार संभव हो सके।

सबसे बड़ी घोषणाओं में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शामिल हैं, जो देश के प्रमुख आर्थिक और शहरी केंद्रों को तेज़ गति से जोड़ेंगे। इसी तरह रेयर अर्थ करिडोर और इलेक्ट्रॉनिक्स व सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 से टेक्नोलॉजी और विनिर्माण क्षेत्र को सशक्त बनाने का संदेश दिया गया है।

स्वास्थ्य एवं जैव-उद्योग को ‘BioPharma Shakti’ कार्यक्रम के तहत अगले पांच वर्षों में ₹10,000 करोड़ का निवेश मिलेगा, जिससे भारत को वैश्विक बायोफार्मा हब के रूप में उभारने की योजना है।

कर नीति में राहत देते हुए, आयकर स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, जिससे मध्यम वर्ग कर ढांचे में स्थिरता का आनंद लेगा।

कुल मिलाकर, यह बजट पूंजी निवेश, उद्योग, तकनीक, पर्यावरण और सामाजिक कल्याण के संतुलित मिश्रण पर आधारित है। सरकार ने इसे ‘हर घर में समृद्धि’ और सतत आर्थिक विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया है।

 

 

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