संवदिया के संपादक और शायर हसमत सिद्दीकी को मिला सम्मान, फारबिसगंज में गूँजी साहित्य की गूँज।

Edited By: Hemant yadav
Updated At: 27 April 2026 09:26:52

विश्व पुस्तक दिवस 2026: फारबिसगंज में साहित्यकारों का जमावड़ा, द्विजदेनी क्लब ने चार लेखकों को किया सम्मानित।

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विश्व पुस्तक दिवस: "जो पढ़ता है वह हज़ार जीवन जीता है", फारबिसगंज में जुटे साहित्यकार; रबात बनी विश्व पुस्तक राजधानी

संवाददाता: टाइम्स भारत न्यूज़ डेस्क स्थान: फारबिसगंज (अररिया) तारीख: 23 अप्रैल, 2026

मुख्य समाचार: द्विजदेनी क्लब ने चार विभूतियों को किया सम्मानित, साहित्य और गज़लों से महकी शाम

फारबिसगंज। स्थानीय प्रोफेसर कॉलोनी स्थित पीडब्ल्यूडी परिसर में गुरुवार को पं. रामदेनी तिवारी 'द्विजदेनी' क्लब द्वारा 'विश्व पुस्तक दिवस' के अवसर पर एक भव्य साहित्यिक समारोह का आयोजन किया गया। वयोवृद्ध साहित्य प्रेमी शिव नारायण चौधरी की अध्यक्षता और हिंदी सेवी अरविंद ठाकुर के कुशल संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में पुस्तकों के महत्व और बौद्धिक संपदा के संरक्षण पर गंभीर चर्चा हुई।

विलियम शेक्सपियर को श्रद्धांजलि और यूनेस्को की पहल

समारोह के संयोजक सह प्रधानाध्यापक दिवाकर कुमार 'दिवाकर' ने विषय प्रवेश कराते हुए बताया कि यूनेस्को (UNESCO) द्वारा 1995 से प्रतिवर्ष 23 अप्रैल को महान लेखक विलियम शेक्सपियर और मिगुएल सर्वेट की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2026 के लिए मोरक्को की राजधानी 'रबात' को 'विश्व पुस्तक राजधानी' घोषित किया गया है, जो पूरे वर्ष वैश्विक स्तर पर पठन-पाठन का केंद्र रहेगी।

साहित्यकारों का सम्मान और वैचारिक मंथन

बाल साहित्यकार हेमंत यादव 'शशि' ने पुस्तकों को विचारों का पुल बताते हुए कहा, "पुस्तकों के बिना मनुष्य केवल एक जीवन जीता है, लेकिन स्वाध्याय करने वाला व्यक्ति हज़ारों जीवन के अनुभवों को आत्मसात करता है।" इस अवसर पर द्विजदेनी क्लब द्वारा समाज के चार प्रमुख स्तंभों को पुष्पहार, बुके और पुस्तकें देकर सम्मानित किया गया:

  1. मांगन मिश्र 'मार्तंड': (प्रधान संपादक, संवदिया पत्रिका एवं कवि)

  2. हेमंत यादव 'शशि': (बाल साहित्यकार)
  3. हसमत सिद्दीकी: (चर्चित शायर)
  4. सुरेंद्र प्रसाद मंडल: (संचालक, स्वामी रामकृष्ण परमहंस पुस्तकालय, बसगड़ा)

कविता और गज़लों की फुहार

सम्मानित लेखकों ने अपनी प्रकाशित कृतियों के सफर को साझा किया। वहीं, सुरेंद्र प्रसाद मंडल ने ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकालय संचालन के अनुभवों से रूबरू कराया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में मांगन मिश्र, हसमत सिद्दीकी और सुनील दास ने अपनी कविताओं और गज़लों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

गणमान्य उपस्थिति

मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त बीईओ प्रमोद कुमार झा ने शिक्षा में पुस्तकों की अपरिहार्यता पर जोर दिया। क्लब के संस्थापक सचिव विनोद कुमार तिवारी ने विद्वानों के उद्धरणों के जरिए पुस्तकों को जीवन का सच्चा मार्गदर्शक बताया। मौके पर हरिनंदन मेहता, पलक धारी मंडल, सीताराम बिहारी, मनीष राज सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।

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